पुणे पुलिस ने बताया 'नशे में झगड़े' का मामला, परिवार से मिलने जाएंगे अभिषेक
कोलकाता। महाराष्ट्र के पुणे में पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर सुखेन महतो की हत्या के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पुणे पुलिस ने दावा किया है कि सुखेन की मौत नशे की हालत में हुए विवाद के बाद हुई। हालांकि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे सच छिपाने की कोशिश बताया है। इस बीच तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शुक्रवार को पुरुलिया स्थित मृतक के घर जाकर परिवार से मुलाकात करेंगे। पुणे पुलिस के अनुसार घटना सोमवार रात की है। सुखेन महतो स्थानीय एक कंपनी में काम करते थे।
पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 3 बजे वह घर से काम पर जाने के लिए निकले थे, लेकिन काम पर नहीं पहुंचे। आरोप है कि वह पुणे के कोरेगांव इलाके में नशे की हालत में घूम रहे थे। शिखापुर थाने के इंस्पेक्टर दीपारत्न गायकवाड़ के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सुखेन नशे की हालत में दो लोगों के साथ बहस में उलझ गए थे। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें उन्हें असामान्य स्थिति में दो व्यक्तियों से झगड़ते देखा गया है। हालांकि हमला कैमरे में कैद नहीं हुआ। बाद में घटनास्थल के पास उनका शव मिला। उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई है।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह हत्या आपसी विवाद का परिणाम है और इसके पीछे कोई अन्य कारण नहीं दिखता। आरोपियों की तलाश जारी है। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस के इस बयान पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि पुलिस अपना चेहरा बचाने के लिए इस तरह का सिद्धांत पेश कर रही है। तृणमूल नेताओं का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र समेत भाजपा शासित राज्यों में बंगाल के प्रवासी मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार और हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।परिवार की ओर से भी आरोप लगाया गया है कि सुखेन को बंगाली भाषा बोलने की वजह से निशाना बनाया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक युवक को उसकी भाषा, पहचान और जड़ों की वजह से प्रताडि़त कर हत्या कर दी गई। घटना के सामने आने के बाद बुधवार रात को स्थानीय तृणमूल विधायक राजीवलोचन सोरेन मृतक के बांडवान स्थित घर पहुंचे थे। पुरुलिया जिला परिषद की सभाधिपति निवेदिता महतो ने भी परिवार से मुलाकात की। अब तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शुक्रवार को पुरुलिया जाकर पीडि़त परिवार से मिलेंगे। उनके दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। एक तरफ पुणे पुलिस इसे नशे में हुए विवाद का मामला बता रही है, तो दूसरी तरफ तृणमूल इसे प्रवासी बंगाली मजदूरों के खिलाफ हिंसा से जोड़कर देख रही है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।